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    केंद्र की गाइडलाइन के बाद प्रदेश में भी चिकित्सा कर्मियों के लिए एडवाइजरी | Advisory for medical personnel in the state after the guidelines of the Center

    पटना43 मिनट पहले

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    मंकी पॉक्स फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

    मंकी पॉक्स फाइल फोटो।

    कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ कि मंकीपॉक्स के संक्रमण की चिंता सताने लगी है। मंकीपॉक्स का एक मरीज दिल्ली में चिह्नित होने के बाद सतर्कता बरतने और लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर जांच की व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया गया है। केंद्र से मिली गाइडलाइन को सभी चिकित्सा प्रभारियों को भेजा गया है।

    निर्देश दिया है कि मंगलवार को सभी चिकित्सक, आशा और एएनएम को मंकीपॉक्स के लक्षणों के बारे में ठीक से बताएं। एनएम या आशा को किसी मरीज में लक्षण मिले तो वह तुरंत इसकी सूचना दे।

    सिविल सर्जन डॉ. केके राय ने बताया कि संभावित मरीज मिलने पर तुरंत जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। गाइडलाइन के अनुसार मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजना होगा। वैसे यहां अभी एक भी मरीज नहीं मिला है। मंकीपॉक्स का सोर्स चूहा या गिलहरी को माना जाता है।

    कैसे होता है संक्रमण :

    इंसान के बॉडी फ्लुइड या यौन संपर्क से एक-दूसरे को संक्रमण लग सकता है। इसके अलावा संक्रमित के कपड़े के इस्तेमाल से भी संक्रमण हो सकता है। लंबे समय तक पीड़ित व्यक्ति के साथ रहने पर भी संक्रमण हो सकता है।

    मुख्य लक्षण :

    सिविल सर्जन के मुताबिक मंकीपॉक्स के मुख्य लक्षणों में बुखार, सर्दी, सिरदर्द, गले में खरास, कफ, मांसपेशियों में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी, त्वचा में रैश, आंख में दर्द, चेस्ट पेन, पेशाब में कमी, बेहोशी जैसी स्थिति भी हो सकती है।

    संक्रमण हो तो क्या करें :

    संक्रमित मरीज को आइसोलेट कर देना चाहिए। मरीज मास्क पहने या मुंह-नाक कवर करे। तुरंत चिकित्सक से संपर्क करे। संक्रमित का बिस्तर, कपड़े, तौलिया को नहीं छुएं। हाथ साबुन से हाथ धोएं या सेनेटाइज करें।

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