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    अध्यापकों के न होने से नाराज छात्रों ने मवई स्कूल में किया जमकर हंगामा, जड़ दिया ताला, बच्चों के भविष्य पर संकट | Angered by the absence of teachers, students created a ruckus in Mavai school, gave a lock, a crisis on the future of the children

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    फरीदाबाद35 मिनट पहले

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    इसके पहले भी पांच गांव में शिक्षकों की कमी के चलते लोग स्कूलों में कर चुके हैं तालाबंदी। - Dainik Bhaskar

    इसके पहले भी पांच गांव में शिक्षकों की कमी के चलते लोग स्कूलों में कर चुके हैं तालाबंदी।

    अध्यापकों की कमी से प्रभावित हो रही शिक्षा से परेशान छात्रों ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक माडल संस्कृति पाठशाला एवं राजकीय माध्यमिक विद्यालय मवई के छात्रों ने प्रवेश द्वार पर जमकर हंगामा किया और ताला जड़ दिया। सुबह नौ बजे सुबह शुरू हुआ हंगामा दोपहर करीब 12:30 बजे तक चला। मामले की जानकारी होने पर डीसी विक्रम ने जिला शिक्षा अधिकारी को समस्या का समाधान करने के आदेश दिए।

    बता दें कि पिछले 15 दिनों से राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों की कमी को लेकर छात्रों एवं ग्रामीणों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। अभी तक बल्लभगढ़ खंड में आने वाले तिगांव, पन्हेड़ा खुर्द, चांदपुर, हीरापुर, भैंसरावली स्थित विद्यालयों में तालाबंदी और प्रदर्शन की मामले हो चुके हैं। बुधवार को तालाबंदी की घटना फरीदाबाद खंड के मवई गांव स्थित राजकीय विद्यालय हुई।

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    छात्रों और ग्रामीणों की मांग है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं। कहने को तो स्कूल मॉडल स्कूल है लेकिन सुविधा के नाम पर शिक्षक तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कैसे पढाई संभव होगी। इस स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के माध्यमिक विद्यालय 193 छात्र एवं छात्राएं पढ़ते हैं। इन छात्रों को पढ़ाने के लिए एक मात्र संस्कृत अध्यापिका है। विद्यालय के मुखिया सतीश चंद और पीटीआई ब्रह्मपाल का तबादला कर दिया है। इससे पढ़ाई व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। प्राथमिक पाठशाला में 11 शिक्षक हैं। इनमें से चार की बीएलओ ड्यूटी लगा दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा कोई और कार्य न लिए जाएं। उधर खंड शिक्षा अधिकारी सतीश चौधरी का कहना है कि ट्रांसफर ड्राइव के चलते अध्यापकों की रिलीविंग एवं जाइनिंग प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्ति हो जाएगी।

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