चंडीगढ़22 मिनट पहले
ISBT 43 में बड़ी संख्या में यात्री घर जाने के लिए फंसे हुए हैं।
पंजाब रोडवेज, PUNBUS एंड PRTC कांट्रेक्ट वर्कस’ यूनियन की तरफ से पंजाब समेत चंडीगढ़ में स्ट्राइक चल रही है। इसके चलते हजारों यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ सेक्टर 43 स्थित ISBT में भी यात्री परेशान हो रहे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में बस स्टैंड पर यात्री इकट्ठा हैं और उन्हें जाने के लिए बसें नहीं मिल रही हैं। ऐसा ही हाल पंजाब के जिलों के बस स्टैंड पर भी है।
चंडीगढ़ बस स्टैंड पर पंजाब के जिलों में अपने घरों और ड्यूटी पर जाने वाले अनेकों यात्री फंसे दिखे। कई यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में महंगा सफर करना पड़ रहा है। वहीं कुछ टैक्सियां कर अपने घरों में पहुंच रहे हैं। बीते शनिवार को भी यात्रियों को दिक्कत पेश आई थी।
यूनियन की तरफ से पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। मांग की जा रही है कि बटाला डिपो कंडक्टर को बहाल किया जाए जिसे बीते 9 नवंबर को सस्पेंड किया गया था। यूनियन के मुताबिक, एक इंस्पेक्टर ने PUNBUS की बटाला से चंडीगढ़ जाने वाली बस को रोपड़ में चेक किया गया था। इस दौरान एक पैसेंजर बिना टिकट के सफर करता पाया गया था। उसे टिकट की कीमत की 10 गुणा रकम जुर्माने के रूप में भरने को कहा गया था। वहीं बस कंडक्ट को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए थे।

पंजाब रोडवेज कर्मी ISBT 43 में धरना देते हुए।
यूनियन का कहना है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का कर्मियों के प्रति गलत व्यवहार है। आरोप लगाया गया कि चेकिंग करने वाले इंस्पेक्टर्स रोडवेज स्टाफ का शोषण करते हैं। वहीं, मामले में पैसेंजर का वीडियो भी होने की बात कही गई जिसमें उसने कहा था कि मामले में कंडक्टर की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद बिना कोई जांच बैठाए कंडक्टर को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए गए। वहीं सस्पेंड किया गया कंडक्टर बटाला में एक पानी की टंकी पर चढ़ गया था। यूनियन का कहना है कि अगर सस्पेंड किए कंडक्टर को बहाल नहीं किया जाता तो उनका प्रदर्शन और तेज होगा।
0 Komentar