Thursday, November 10, 2022

जेल से निकालकर हाउस अरेस्ट रखने को कहा, भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपी हैं | Supreme court Bhima Koregaon case Gautam Navlakha house arrest Mumbai Taloja Jail

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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पांच साल पुराने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से थोड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें एक महीने के लिए तलोजा जेल से निकालकर नवी मुंबई में कुछ शर्तों के साथ हाउस अरेस्ट रखने के आदेश दिए हैं। गौतम 70 साल के हैं। उन पर भीमा-कोरेगांव में एल्गार परिषद के सम्मेलन में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इसी भाषण के बाद हिंसा भड़की थी।

इन शर्तों के साथ मिली राहत
70 साल के गौतम नवलखा ने कोर्ट को बताया था कि वह स्किन की एलर्जी और दांत की समस्याओं से पीड़ित हैं और वह संदिग्ध कैंसर के मद्देनजर टेस्ट कराना चाहते हैं। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए कुछ शर्तें रखी हैं, इनके मुताबिक- नवलखा किसी से बातचीत के लिए मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। साथ ही न कोई अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। वे न मीडिया से बात करेंगे और केस से जुड़े लोगों और गवाहों से भी संपर्क नहीं करेंगे। पुलिस की मौजूदगी में दिन में केवल एक बार मोबाइल पर बात करने की परमिशन दी गई है।

खराब सेहत का हवाला देते हुए गौतम नवलखा ने हाउस अरेस्ट की मांग की थी।

खराब सेहत का हवाला देते हुए गौतम नवलखा ने हाउस अरेस्ट की मांग की थी।

ये राहतें भी दीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गौतम नवलखा, पत्नी सहबा हुसैन के साथ रह सकते हैं। साथ ही घर के कामकाज और साफ-सफाई के लिए एक नौकरानी रख सकते हैं। पुलिस को जानकारी देकर वे सप्ताह में एक बार दो रिश्तेदारों से मिल सकते हैं।

हाउस अरेस्ट के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

हाउस अरेस्ट के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

केंद्र ने कहा- उनके ISI से लिंक
गौतम नवलखा की हाउस अरेस्ट की रिक्वेस्ट पर सुनवाई बुधवार को हुई थी। इस दौरान सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि हाउस अरेस्ट के दौरान गौतम नवलखा पर कंट्रोल नहीं कर पाएंगे। ​​​​उनके लिंक कश्मीरी आतंकियों और ISI से हैं। उन्हें अस्पताल में रहने दीजिए।

कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- क्या मैं बताऊं कि देश को कौन बर्बाद कर रहा है
एडिशनल सॉलिसिटर से कोर्ट ने कहा- ‘वह 70 साल के बुजुर्ग हैं। हमें नहीं पता कि उनकी उम्र और कितनी होगी। आपको नवलखा की उम्र का लिहाज रखकर सोचना चाहिए। वह कई तरह की हेल्थ प्रोब्लम्स से जूझ रहे हैं। आप घर में नजरबंदी के लिए जो भी पाबंदियां लगाना चाहते हैं, आप लगा सकते हैं। वह इस देश को बर्बाद नहीं करने जा रहे। क्या आप चाहते हैं कि मैं आपको बताऊं कि हमारे देश को कौन बर्बाद कर रहे हैं? यह भ्रष्टाचार है, जो देश को बर्बाद कर रहा है। हमने वीडियो देखा है कि किस तरह जनता के चुने गए प्रतिनिधियों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए।’

क्‍या है भीमा-कोरेगांव मामला?
यह मामला साल 2017 में पुणे में एल्‍गार परिषद के आयो‍जित कार्यक्रम में कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है जिस कारण कोरेगांव-भीमा में हिंसा भड़की थी। पुलिस का यह भी दावा रहा है कि कार्यक्रम के आयोजकों का नक्सलियों से संबंध हैं।

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