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    200 किलो MD ड्रग मिली, वडोदरा में केमिकल फैक्ट्री में बन रही थी; मुंबई और गोवा तक थी सप्लाई | A batch of 200 kg MD drugs recovered from the factory, market value of Rs 1000 crore

    वडोदरा5 मिनट पहले

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    समुद्री रास्ते से गुजरात में ड्रग्स की सप्लाई के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन अब वडोदरा में प्रतिबंधित MD ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई है। ATS ने वडोदरा जिले के मोक्षी गांव में इस फैक्ट्री से 200 किलो ड्रग जब्त की है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1000 करोड़ रुपए आंकी गई है।

    वडोदरा के मोक्षी गांव में बनी इस फैक्ट्री में कई तरह के केमिकल भी तैयार किए जाते हैं।

    वडोदरा के मोक्षी गांव में बनी इस फैक्ट्री में कई तरह के केमिकल भी तैयार किए जाते हैं।

    केमिकल की आड़ में बन रही थी ड्रग
    ATS के DIG दीपेन भद्रन ने बताया- गुप्त सूचना मिली थी कि वडोदरा की सावली तहसील के पास ड्रग्स का बड़ा जत्था है। ATS ने सोमवार को मोक्षी गांव की इस फैक्ट्री में छापा मारा। वहां ड्रग्स का जखीरा तो मिला ही, यह भी पता चला कि केमिकल बनाने की आड़ में MD ड्रग तैयार की जा रही थी। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ पाएगी।

    ATS ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। आसपास के इलाके में भी तलाशी अभियान जारी है।

    ATS ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। आसपास के इलाके में भी तलाशी अभियान जारी है।

    मुंबई और गोवा में हो रही थी ड्रग्स की सप्लाई
    दीपेन भद्रन ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ड्रग्स की सप्लाई गोवा और मुंबई की जा रही थी। ATS को शक है कि यहां से देश के दूसरे हिस्सों में भी ड्रग्स भेजी गई है। इस रैकेट में शामिल लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

    बरामद हुई ड्रग्स की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी फैक्ट्री में बुला लिया गया है।

    बरामद हुई ड्रग्स की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी फैक्ट्री में बुला लिया गया है।

    जब्त की गई ड्रग्स 6 महीने पहले तैयार हुई
    दीपेन भद्रन ने बताया कि जब्त की गई ड्रग्स करीब 6 महीने पहले तैयार की गई थी। इस बात की भी पूरी संभावना है कि एक बार में ही काफी मात्रा में ड्रग्स तैयार की गई हो, जिसे देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई कर दिया गया हो।

    क्या होती है मेफेड्रोन पार्टी ड्रग्स?
    मिथाइलीनन डाइऑक्सी मेथैमफेटामाइन और मेफेड्रोन को कई नामों से बेचा जाता है। लगभग हर देश में इसके कोड नेम हैं। इस ड्रग्स को सूंघकर और पानी में मिलाकर भी लिया जाता है। नशे के बाजार में इस तरह की एक ग्राम ड्रग की कीमत एक हजार से 25000 रुपए तक है। नशा करने वालों के बीच इसके और भी कोड नेम हैं। इसे लेने के बाद दिमाग में नशा चढ़ता है। मदहोशी आती है। ज्यादा मात्रा में एक साथ लेने पर यह जान के लिए खतरा तक बन सकती है।

    ‘म्याऊं-म्याऊं ड्रग’ भी कहलाती है मेफेड्रोन
    मेफेड्रोन को आमतौर पर ‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम से जाना जाता है। रेव पार्टियों में नशे के लिए इसका इस्तेमाल होता है। म्याऊं-म्याऊं का नाइजीरिया और अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। पार्टी ड्रग्स के तौर पर इसका भारत में भी इस्तेमाल होने के मामले सामने आ चुके हैं। रेव पार्टी में पहले LSD यानी लिसर्जिक एसिड डायइथाइलअमाइड का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन ड्रग्स के लिए कड़े कानून बनने के बाद MDMA और मेफेड्रोन का नशा ज्यादा प्रचलित है।

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