चक्रधरपुरएक घंटा पहले
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधपुर में हिंदूवादी नेता और गिरिराज सेना प्रमुख कमलदेव गिरि की हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। इलाके में शव लाए जाने के साथ ही पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी हुई। भीड़ ने समुदाय विशेष के खिलाफ भी नारेबाजी की। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया।
बता दें शनिवार शाम कमलदेव गिरि की हत्या बोतल बम मारकर दी गई। वे भाजपा के वरीय पदाधिकारियों से मुलाकात कर अपने घर वापस घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार वे भाजपा में शामिल होने वाले थे। वह अपने साथी शंकर सिंह के साथ मोटरसाइकिल से गए थे। वहां से वापस आने के दौरान भारत भवन चौक के पास में उन्हें बोतल बम मारकर हत्या कर दी गई।

इलाके में बढ़े तनाव के कारण सुरक्षा बढ़ाई गई है।
इलाके में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
हत्या के बाद कमलदेव के शव को पवन चौक पर रखा गया था। चौक पर करीब ढाई-तीन हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। चौक पर पहले दोनों तरफ से नारेबाजी हुई, फिर पथराव होने लगा। भीड़ ने आधा दर्जन से अधिक दुकानों में तोड़फोड़ की। भीड़ ने एक पुलिस वाहन को भी तोड़ डाला। आक्रोशित भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। भारी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। इसके बाद कमल देव गिरि के शव को अंत्येष्टि के लिए श्मशान ले जाया गया। फिलहाल शहर की स्थिति तनाव पूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल और एसपी आशुतोष शेखर चक्रधरपुर पहुंच गए हैं।

वरिष्ठ अधिकारी इलाके में कैंप कर रहे हैं।
कमलदेव गिरि अपने साथी शंकर सिंह के साथ मोटरसाइकिल से लौटे रहे थे। लौटने के समय वह भारत भवन ठहरे थे। यहीं पर तीन युवक पैदल पहुंचे। उनके हाथ में बोतल बम था। पहला बम उनके पीठ पर लगा लेकिन इससे उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा। कमलदेव गिरी ने शंकर सिंह को भगाने के लिए कहा और तभी खुद गाड़ी स्टार्ट करने लगे। तभी उन पर दो बम से हमला हुआ। दोनों बम गर्दन के पीछे वाले हिस्से में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और जमीन पर गिर गए। रेलवे अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम नहीं करना चाहते थे परिवार के लोग
कमलदेव गिरि की हत्या के बाद परिजन उनके पोस्टमॉर्टम करने को लेकर राजी नहीं थे। चक्रधरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा, अंचल अधिकारी बाल किशोर महतो, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ललन कुमार के बीच कमलदेव गिरि के बड़े भाई फूलन देव गिरि से घंटों समझाया। इसके बाद परिवार वाले पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए उसके बाद भारी सुरक्षा के बीच पोस्टमॉर्टम के लिए शव को अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका पोस्टमॉर्टम किया गया।
मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
रविवार को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तीन डॉक्टरों के पैनल ने गिरिराज सेना प्रमुख कमलदेव गिरि के शव का पोस्टमॉर्टम किया । पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल के आदेश पर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल टीम का गठन किया गया था। इसमें चाईबासा सदर अस्पताल के डॉ एन माझी, चक्रधरपुर अनुमंडल के चिकित्सा प्रभारी डॉ अंशुमन शर्मा और डॉक्टर नंदू शामिल थे। मजिस्ट्रेट के रूप में गुदड़ी के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव महतो के उपस्थिति में डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया।
भाजपा नेताओं ने हत्या को लेकर हेमंत सरकार पर साधा निशाना

बाबूलाल मरांडी ने इस हत्याकांड को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- हेमंत सोरेन जी, आपकी तुष्टिकरण एवं विध्वंसकारी राजनीति से झारखंड के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। चक्रधरपुर में कल हिन्दुवादी नेता कमल देव गिरि की हत्या के बाद कल आक्रोशित जनता ने आपके पोस्टर फाड़े हैं, और अब यही जनता आपको सत्ता से बाहर करेगी। कमल देव गिरि का पोस्टमॉर्टम होने के बाद भाजपा नेता जेबी तुबिद, पूर्व मंत्री बडकुंवर गागराई, संजय पांडे सहित कई नेताओं ने उनके घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।